Traditional oils for silky, glowing, and healthy skin
आज की तारीख में ज्यादा तेल खाने की बात आती हे तो लोग कैसे मुँह बनाते हे। खास करके शहर में रहनेवाले लोग। उसमें भी आखरी कई साल से डॉक्टर भी अपने मरीज़ को खाने में तेल की मात्रा काम करने की सलाह देते हे। छोटे परदे पर आनेवाली विज्ञापन को देख करके भी लोग तेल खाने से दूर रहने का प्रयास करते हे। छोटे परदे पर दिखनेवाली तेल की विज्ञापन में संपूर्ण रिफाइन तेलों की खबरे हे। जबकी आयुर्वेदाचार्यो के मुताबिक ऐसे तेलों में कोई गुण बचता ही नहीं हे।
वास्तव में अपने परंपरागत तेलों में अपने शरीर को तंदुरस्त और त्वचा को चमकीली बनाने के गुण होते हे।आयुर्वेदाचार्यो कहते की त्वचामें चमक तब ही आती हे जब आपका शरीर आतंरिक तौर पर स्वस्थ हो। अपने बादाम तेल, नारियल तेल,राइ तेल, तिलका तेल, ओलिव ऑइल, सरसव तेल इत्यादि जैसे तेल सौन्दर्य निखारने के लिए काफी उपयोगी हे। इसीलिए तो जिस तेल को हमने अलविदा कहा हे उसीका आधुनिक स्पा में छूट से इस्तेमाल होता हे, वे भिन्न भिन्न तेल के गुणों का वर्रण करते कहते हे....
Almond oil बादाम का तेल
मुलभुत रूप से बादाम पश्चिम ऐशिया और यूरोप में होती हे। परन्तु भारत में कश्मीर और पंजाब में बादाम के वृक्ष पाए जाते हे। बादाम दो प्रकार की होती हे मीठी और कड़वी। कड़वी बादाम में अल्प प्रमाण में हीड्रोसैनिक ऐसिड होने के कारन वह ज़हरीली होती हे।
बादाम के तेल से चहेरे पर मसाज करने से त्वचा पर कांति आती हे। अपने चहेरे पर शिकन आने की शरुआत आंख के आसपास से शरू होती हे। परन्तु अगर बादाम के तेल से चहेरेकी मसाज करे तो ये प्रक्रिया मंद हो जाती हे।
बादाम के तेलकी मेकअप दूर करने में भी जरूर पड़ती हे। रुइ पर बादाम का तेल डालके उसकी मदद से पलकें साफ करने से आंखोका मेकअप अच्छी तरह से दू कर सकते हे। जबकी मश्करा निकलने के लिए कोटन बड को बादाम के तेल में डूबो के इस्तेमाल करें।
अगर आपके बाल शुष्क और बरछट हो गए हो तो हफ़्ते में एकबार बादाम के गुनगुने तेल से मालिश करने से बाल कोमल और मुलायम बनते हे।
जिसकी तवचा एकदम शुष्क हो गयी हो उसके लिए बादाम के तेलसे चहेरा और समग्र शरीर की मालिश करने में आये तो फायदेकारक साबित होती हे।
Coconut oil नारियल तेल
नारियल तेल में थोड़ा कपूर डालके घाव पर या ज़ख़्मी त्वचा पर लागानेसे वहा जल्द ही रुज़ आती हे। यहाँ तक की नारियलके खालमें से निकले हुए तेल से कुष्ट रोग में भी जल्दी से रहत मिलती हे। नारियल तेल टी.बी. में भी फायदेकारक साबित हे।
जिनके बाल पतले हो वो रातमे गुनगुने नारियल तेल को लगाकर सो जाए और सुबह बाल धोले। उसी तरह जिनके बाल शुष्क हो उसे हफ्ते में दो बार सर पर गुनगुने नरियल तेल की मालिश करे। इस प्रयोग से उनके बल कोमल और चमकीले बन जायेंगे।
तिल सफ़ेद ,लाल और काले इस तरह तीन प्रकारके होते हे। सामान्य तोर पर सफ़ेद तील में से तेल निकालते हे।परन्तु काले तिल में से निकले हुए तेलमे सबसे ज्यादा औषधि गुण पाए जाते हे। तिल के तेल से मालिश करने से तवचा कोमल बनती हे। बरछट और रुक्ष बल को सिल्की बनाने के लिए भी तिल के गुनगुने तेल की मालिश की जरूर पड़ती हे। इससे बाल घने होते हे। सर या बदन के दर्दमें तिल के तेल से मालिश करने से ज्यादा रहत मिलती हे। यहाँ तक की लकवा के दर्दी को तिल के तेल से मसाज करने से फायदा होता हे।
Sesame oil तिल का तेल
तिल सफ़ेद ,लाल और काले इस तरह तीन प्रकारके होते हे। सामान्य तोर पर सफ़ेद तील में से तेल निकालते हे।परन्तु काले तिल में से निकले हुए तेलमे सबसे ज्यादा औषधि गुण पाए जाते हे। तिल के तेल से मालिश करने से तवचा कोमल बनती हे। बरछट और रुक्ष बल को सिल्की बनाने के लिए भी तिल के गुनगुने तेल की मालिश की जरूर पड़ती हे। इससे बाल घने होते हे। सर या बदन के दर्दमें तिल के तेल से मालिश करने से ज्यादा रहत मिलती हे। यहाँ तक की लकवा के दर्दी को तिल के तेल से मसाज करने से फायदा होता हे।
चहेरे की त्वचा को जल्दी से मुलायम बनाने के लिए हथेलीमें अच्छी मात्रामे तिल का तेल लेकर पुरे चहेरे पे लगाए। उसके बाद चहेरे पे हलके हाथो से मसाज करे। अब एक नेपकिन को गुनगुने पानी में भिगोकर निचोड़ ले। उसके बाद बिस्तर में सीधे सो कर उस नेपकिन को मसाज किए हुए चहेरे पर रखें। इस प्रक्रिया के दरमियान पैरों के निचे तकिये को रखकर पैर थोड़े ऊपर रखे। ऐसा करने से चहेरे की और रक्तपरिभ्रमण होगा चहेरा कांतिवान बनेगा।
caster oil कास्टर तेल
घुंघराले बाल के लिए कास्टर तेल उत्तम मन जाता हे। घुंघराले बाल बहोत फंस जाने की वजह से कंघी करने में खास तकलीफ पड़ती हे। परन्तु कास्टर तेल गाळ्हा (मोटा) और चिकना होने के कारण बालमें थोड़ा लगाकर बाल आसानी से कंघी कर सकते हे। और तो ये तेल बालो को मुलायम भी बनता हे।
Olive oil ऑलिव ऑइल
ऑलिव ऑइल की गणना उत्तम कंडीशनर में होने के कारण यह तेल बालों को मुलायम बनाने में अच्छा मददगार होता हे। बालो में लगाने के लिए जब महेंदी भिगोने में आती हे तब उसमे थोड़ा ऑलिव ऑइल डालने से बरछट बाल मुलायम और सिल्की होते हे।
रातको सोते समय सर में ऑलिव ऑइल से मसाज करें। सुबह बाल धोले। आपको आपके बाल मुलायम और चमकीले लगेंगे। खासकर के गर्मी की ऋतु पूरी होने के बाद धुप के कारण शुष्क हो चुके बाल को फिरसे सिल्की बनाने के लिए यह प्रयोग काम आता हे।
clove oil लौंग का तेल
यह बात सर्वविदित हे की लौंग की गणना मसाले में होती हे। स्वाभाविक तौर पर यह (लौंग ) तेज होते हे। अपने घर में इस्तेमाल होनेवाला लौंग सूखे होते हे। यह तेल अपने अवषधिय गुण के कारण प्रख्यात हे। इस तेल का उपयोग दांत के दर्द को दूर करने के लिए होता हे ।
महत्व की बात तो यह हे की यह तेल इतना तेज होता हे की जहाँ पीड़ा ना होती हो वहां पर लग जाये तो जलन होने लगती हे। इसीलिए जब लौंग के तेल के इस्तेमाल की नौबत आये तो उसमे नारियल तेल या फिर ऑलिव ऑइल मिक्स करें। पीठ के दर्द में भी लौंग का तेल बहोत राहत देता हे।
सामान्य तौर पर हाथ पर लगाने के लिए जब महेंदी भिगोने को आये तब उसमे थोड़े बून्द लौंग का तेल डालने में अता हे। ऐसा करने से महेंदी का रंग अच्छा आता हे और लम्बे समय तक टिका रहता हे।
दालचीनी भी लौंग की तरह मसाले में सामिल होने के कारण एकदम तेज होता हे। हिमालय की 5000 से 6000 फुट की ऊंचाई पर होनेवाले दालचीनी के पेड़ की खाल में से दालचीनी का तेल बनता हे।
Cinnamon oil दालचीनी का तेल
दालचीनी भी लौंग की तरह मसाले में सामिल होने के कारण एकदम तेज होता हे। हिमालय की 5000 से 6000 फुट की ऊंचाई पर होनेवाले दालचीनी के पेड़ की खाल में से दालचीनी का तेल बनता हे।
कीटक या बिच्छू के काटने पर दालचीनी का तेल अवषधि का काम करता हे। त्वचा को निखारने के लिए भी इसकी जरूर पड़ती हे। परन्तु यह खूब तेज होने के कारण सीधा ही त्वचा पर नहीं लगा सकते। इसीलिए चहेरे पर लगानेवाली भिन्न भिन्न क्रीम की बनावट में इस्तेमाल होता हे।
सरसों लाल और सफ़ेद ऐसे दो प्रकार के होते हे। परन्तु सफ़ेद सरसों में भरपूर अवषधिय गुण पाए जाते हे। सफ़ेद सरसों में 75 % जीतना तेल होता हे। यह तेल एन्टीसेप्टिक माना जाता हे और पीड़ा में रहत देता हे। पायोरिया जैसे दांत के रोग में सरसों तेल का उपयोग पोटेशियम क्लोराइड में मिलाकर होता हे। चहेरे पर नियमित तौर पर सरसों के तेल से मसाज करने से त्वचा में चमक आती हे और झुर्रिया आनेकी प्रक्रिया धीमी हो जाती हे।
Mustard oil सरसों का तेल
सरसों लाल और सफ़ेद ऐसे दो प्रकार के होते हे। परन्तु सफ़ेद सरसों में भरपूर अवषधिय गुण पाए जाते हे। सफ़ेद सरसों में 75 % जीतना तेल होता हे। यह तेल एन्टीसेप्टिक माना जाता हे और पीड़ा में रहत देता हे। पायोरिया जैसे दांत के रोग में सरसों तेल का उपयोग पोटेशियम क्लोराइड में मिलाकर होता हे। चहेरे पर नियमित तौर पर सरसों के तेल से मसाज करने से त्वचा में चमक आती हे और झुर्रिया आनेकी प्रक्रिया धीमी हो जाती हे।







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