Protein: Daily need, deficiency symptoms, and sources
What is protein?
प्रोटीन हमारे शरीर की रचना का "basic building block" है। यह शरीर में मांसपेशियों के निर्माण के लिए एक आवश्यक "macro-nutrient" है। प्रोटीन (Protein), फैट (fat) और कार्बोहायड्रेट (carbohydrate) यह तीनो macro-nutrients है। हमारे शरीर को कार्य करने के लिए जरुरी ऊर्जा इन macro-nutrients से मिलती है। आज हम जानेंगे प्रोटीन की दैनिक जरूरियात (Daily protein intake), इसकी कमी और लक्षण (Protein deficiency and its symptoms), और प्रोटीन के स्रोत (Sources of protein) के बारे में।
रासायनिक रूप से प्रोटीन, अलग अलग एमिनो एसिड से बना है। और एमिनो एसिड कार्बन, हाइड्रोजन, नाइट्रोजन, ऑक्सीजन और सल्फर से बने यौगिक है। एमिनो एसिड प्रोटीन के निर्माण खंड है और प्रोटीन मांसपेशियों का निर्माण खंड (building block) है।
जब शरीर में प्रोटीन टूट जाता है तो यह मांसपेशियों के लिए ईंधन का काम करता है और चयापचय की क्रिया में भी मदद करता है। यह आपके शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को भी मजबूत बनाता है।
सामान्य रूप से ऐसी व्यक्ति जिसका काम ज्यादातर गतिहीन(sedentary) हो उसे अपने वजन के हिसाब से 1 gram प्रोटीन per 1 kg मतलब अगर आपका आदर्श वजन 60 kg है तो आपको दैनिक 60 g प्रोटीन की जरुरत रहती है।
अन्य लोग जो वजन बढ़ाना या कम करना चाहते हो, शारीरक श्रम करने वाले, वयस्क और बुजुर्गों में प्रोटीन की दैनिक जरूरियात 1-1.3 gram per 1 kg रहती है।
पता नहीं क्यूँ प्रोटीन के बारे में हमारे अंदर ऐसी गैर मान्यता हो गई है की प्रोटीन के कारण पथरी (kidney stone) और ऑस्टियोपोरोसिस (osteoporosis) जैसी स्वास्थ्य समस्या होती है। जब की विज्ञान (science) और डॉक्टर्स भी इन दावों को समर्थन नहीं देते।
वास्तव में उच्च प्रोटीन की मात्रा तो हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज से लड़ने में मदद करता है, जो की पथरी(kidney stone) होने के मुख्य कारण है।
कई लोग प्रोटीन को ऑस्टियोपोरोसिस के लिए भी जिम्मेदार बताते है जब की वास्तव में कई अध्ययनों से पता चलता है की प्रोटीन इस बीमारी को रोकने में मदद करता है।
अगर आपका वजन आपकी उम्र के मुताबिक सही है तो व्यस्क लोग, जिन्हे ज्यादा काम या शारीरिक श्रम नहीं करना पड़ता है और किसी भी प्रकार का व्यायाम नहीं करते उनके लिए प्रोटीन की दैनिक 0.8-1.3 gram per kg मात्रा काफी है।
कई athlete जो मांसपेशियों को बढ़ाने हेतु प्रोटीन का अधिक सेवन करते है जो की फायदे की जगह स्वास्थ्य के लिए बहोत नुकसानदायक है।
प्रोटीन का सेवन जब उसकी दैनिक जरूरियात से 3-5 गुना होने लगे यानि की 3-5 gram per 1 kg तब यह नुकसानकारक होता है।
2. थोड़ा श्रम या काम करने के बाद थकान लगना।
3. कितना भी आहार बढ़ा लो और व्यायाम करो परन्तु वजन न बढ़ना या मांसपेशी और स्नायु का विकास न होना।
4. और कितना ही व्यायाम करो या उपवास रखो फिर भी वजन कम न होना।
5. किसी भी काम में ध्यान न रख पाना या एकाग्रता कम हो जाना।
6. स्नायु और जोड़ो में बार बार दर्द होना।
7. रक्त में शुगर की मात्रा संतुलन बिगड़ना जिससे डायाबिटीज का खतरा रहना।
8. शरीर की रोग प्रतिकारक क्षमता कमजोर पड़ जाना जिससे उम्र बढ़ने के साथ साथ बार बार बीमार हो जाना।
9. हड्डियां पतली और कमजोर हो जाना जिससे अस्थिभंग का खतरा रहना।
10. आँखों में मोतिया जल्दी आने की संभावना होना।
11. बाल झड़ना या पतले और कमजोर हो जाना।
12. नाख़ून टूट जाना।
13. रक्त में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बाद जाना जिससे हार्ट अटैक आने का खतरा रहना।
14. मानसिक तनाव बढ़ जाना और डिप्रेशन रहना।
15. ठीक से नींद न आना।
16. किडनी और आंतो की बीमारी होने की संभावना बढ़ जाना।
17. महिलाओं में मासिक की समस्या होना।
18. बार बार कुछ खाने का मन होना खास कर मिठाई या मीठी चीजे।
सबसे मात्रा में प्रोटीन नॉन वेज आहार में से मिलता है और इस प्रोटीन की गुणवत्ता भी अच्छी होती है क्योकि इसमें से कई एमिनो एसिड मिलते है जो हमें फल-सब्ज़ी और अन्य आहार में से नहीं मिल पाते, और इन एमिनो एसिड से जो प्रोटीन बनता है, वो स्वास्थ्य के लिए आवश्यक और बहोत गुणकारी होते है।
अंकुरित बीन्स में से भी प्रोटीन बहोत अच्छी मात्रा में से मिल जाता है, जैसे की गेंहू, मुंग, चना, मटर, राजमा, बाजरा, इत्यादि। कई प्रकार के बीज जैसे की अलसी, चिया बीज, सूरजमुखी बीज, पम्पकिन सीड, इत्यादि में से प्रोटीन मिलता है।
अब बात करे सब्जी और फल की तो इसमें प्रोटीन की मात्रा बहोत कम होती है एवरेज 0.5-3 gram per 100 gram सर्विंग।
आशा है की आपको "Protein: daily intake, deficiency symptoms, sources" की जानकारी अच्छी लगी होगी। इसे दुसरो को भी शेयर करे और मदद करे ! :)
रासायनिक रूप से प्रोटीन, अलग अलग एमिनो एसिड से बना है। और एमिनो एसिड कार्बन, हाइड्रोजन, नाइट्रोजन, ऑक्सीजन और सल्फर से बने यौगिक है। एमिनो एसिड प्रोटीन के निर्माण खंड है और प्रोटीन मांसपेशियों का निर्माण खंड (building block) है।
जब शरीर में प्रोटीन टूट जाता है तो यह मांसपेशियों के लिए ईंधन का काम करता है और चयापचय की क्रिया में भी मदद करता है। यह आपके शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को भी मजबूत बनाता है।
Daily Protein intake:
आपको दैनिक प्रोटीन कितनी मात्रा में लेना है आधार आपकी सेहत, उम्र, वजन, और आपके दैनिक काम इत्यादि कारक(factors) पर निर्भर है।सामान्य रूप से ऐसी व्यक्ति जिसका काम ज्यादातर गतिहीन(sedentary) हो उसे अपने वजन के हिसाब से 1 gram प्रोटीन per 1 kg मतलब अगर आपका आदर्श वजन 60 kg है तो आपको दैनिक 60 g प्रोटीन की जरुरत रहती है।
अन्य लोग जो वजन बढ़ाना या कम करना चाहते हो, शारीरक श्रम करने वाले, वयस्क और बुजुर्गों में प्रोटीन की दैनिक जरूरियात 1-1.3 gram per 1 kg रहती है।
Is protein beneficial or harmful?
पता नहीं क्यूँ प्रोटीन के बारे में हमारे अंदर ऐसी गैर मान्यता हो गई है की प्रोटीन के कारण पथरी (kidney stone) और ऑस्टियोपोरोसिस (osteoporosis) जैसी स्वास्थ्य समस्या होती है। जब की विज्ञान (science) और डॉक्टर्स भी इन दावों को समर्थन नहीं देते।
वास्तव में उच्च प्रोटीन की मात्रा तो हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज से लड़ने में मदद करता है, जो की पथरी(kidney stone) होने के मुख्य कारण है।
कई लोग प्रोटीन को ऑस्टियोपोरोसिस के लिए भी जिम्मेदार बताते है जब की वास्तव में कई अध्ययनों से पता चलता है की प्रोटीन इस बीमारी को रोकने में मदद करता है।
अगर आपका वजन आपकी उम्र के मुताबिक सही है तो व्यस्क लोग, जिन्हे ज्यादा काम या शारीरिक श्रम नहीं करना पड़ता है और किसी भी प्रकार का व्यायाम नहीं करते उनके लिए प्रोटीन की दैनिक 0.8-1.3 gram per kg मात्रा काफी है।
Side effects of too much protein
कई athlete जो मांसपेशियों को बढ़ाने हेतु प्रोटीन का अधिक सेवन करते है जो की फायदे की जगह स्वास्थ्य के लिए बहोत नुकसानदायक है।
प्रोटीन का सेवन जब उसकी दैनिक जरूरियात से 3-5 गुना होने लगे यानि की 3-5 gram per 1 kg तब यह नुकसानकारक होता है।
Symptoms of protein deficiency:
1. पाचनक्रिया धीमी हो जाना।2. थोड़ा श्रम या काम करने के बाद थकान लगना।
3. कितना भी आहार बढ़ा लो और व्यायाम करो परन्तु वजन न बढ़ना या मांसपेशी और स्नायु का विकास न होना।
4. और कितना ही व्यायाम करो या उपवास रखो फिर भी वजन कम न होना।
5. किसी भी काम में ध्यान न रख पाना या एकाग्रता कम हो जाना।
6. स्नायु और जोड़ो में बार बार दर्द होना।
7. रक्त में शुगर की मात्रा संतुलन बिगड़ना जिससे डायाबिटीज का खतरा रहना।
8. शरीर की रोग प्रतिकारक क्षमता कमजोर पड़ जाना जिससे उम्र बढ़ने के साथ साथ बार बार बीमार हो जाना।
9. हड्डियां पतली और कमजोर हो जाना जिससे अस्थिभंग का खतरा रहना।
10. आँखों में मोतिया जल्दी आने की संभावना होना।
11. बाल झड़ना या पतले और कमजोर हो जाना।
12. नाख़ून टूट जाना।
13. रक्त में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बाद जाना जिससे हार्ट अटैक आने का खतरा रहना।
14. मानसिक तनाव बढ़ जाना और डिप्रेशन रहना।
15. ठीक से नींद न आना।
16. किडनी और आंतो की बीमारी होने की संभावना बढ़ जाना।
17. महिलाओं में मासिक की समस्या होना।
18. बार बार कुछ खाने का मन होना खास कर मिठाई या मीठी चीजे।
Sources of protein:
what are the protein rich foods for vegetarians?
इसका मतलब ये भी नहीं है की प्रोटीन सिर्फ नॉन वेज आहार में से ही मिलता है, यह दूध उत्पाद और सोया उत्पाद जैसे की दूध, छाछ, चीज़, सोया बीन्स, सोया चंक्स, सोया मिल्क, और सभी दाल जैसे की मसूर दाल, चना दाल, तूर दाल, मुंग दाल, और उरद दाल इत्यादि में से भी अधिक मात्रा में मिल जाता है।अब बात करे सब्जी और फल की तो इसमें प्रोटीन की मात्रा बहोत कम होती है एवरेज 0.5-3 gram per 100 gram सर्विंग।
Protein-rich cereals and pulses:
High protein nuts, seeds, and dairy products:
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Protein-rich vegetables in India:
Protein rich Fruits list:
Conclusion:
स्वस्थ शरीर के लिए प्रोटीन एक बहोत ही आवश्यक macro-nutrient है। इसकी कमी से कई गंभीर परेशानी भी हो सकती है इसलिए इसकी कमी के लक्षणों को जानना बहोत जरुरी है, और अपनी उम्र और शारीरिक जरूरियात के मुताबिक इसका दैनिक सेवन आवश्यक है। आप यहाँ बताए गए प्रोटीन के स्रोत (Sources of protein) को अपने आहार में शामिल करके अपनी प्रोटीन की दैनिक जरूरियात(daily need of) को पूरा कर सकते है।आशा है की आपको "Protein: daily intake, deficiency symptoms, sources" की जानकारी अच्छी लगी होगी। इसे दुसरो को भी शेयर करे और मदद करे ! :)




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